3+ सोच बदलने वाली कहानी |Short Moral Story in Hindi

सोच बदलने वाली कहानी – आपके लिए यहाँ पर बहुत ही भेत्रिन जीवन को बदल देने वाली कहानी लेकर आये है। इंसान की सोच को बदलने वाली ऐसी कहानी है। जो आपको बहुत पसंद आएगी और आप इन 3 कहानियो को पढ़ के काफी Motivate हो जाओगे।

इंसान को जीवन में क्या चाहिए ? और क्यों चाहिए ? सबसे पहले ये हर व्यक्ति को पता होना चाहिए। ताकि आगे वह इन पे काम कर सके और अपने life को अच्छा बना सके, इन 3 जबरदस्त मोटिवेशनल कहानी से आपको काफी प्रेरणा मिलेगी।

सोच-बदलने-वाली-कहानी
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कुछ इस तरह से आज के 3 मोटिवेशनल सोच बदलने वाली कहानी :- यहाँ से पढ़ना शुरू करे और आखरी तक पढ़े आपको काफी पसंद आएंगे क्युकी last वाला बहुत ही भेत्रिन कहानी है।

इंसान की सोच बदलने वाली कहानी

इस जीवन में इंसान को क्या चाहिए ? छोटी छोटी खुशियाँ और दुःख से छुटकारा पर ये सब तभी संभव है। जब इंसान का मन सांत रहेगा क्युकी मन शांत रहने से इंसान बहुत कुछ अच्छी बाते सोच सकता है। और उसे जीवन में अपना सकता है। 

जैसे की हम आपको यहाँ पे सोच बदलने वाली मोटिवेशनल कहानी बता रहे है। जिसके जरिये आपको समझ आएगा की आपके जीवन में कितनी खुशियाँ है। जिन्हे आप समझ और अपना नहीं पा रहे है, इन कहनियो की मदत से आपको समझाने की पूरा प्रयास करंगे।  तो अब शुरू करते है।

एक लड़के की यह ऐसी कहानी है, जो हमेशा निराश और परेशान रहता था। एक उसे एक ज्ञानी बाबा मिले, तब उसने बाबा से पूछा बाबा जी मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है। में जो कुछ काम करता हु या सोचता हु सब कुछ उल्टा हो जाता है या बिगड़ जाता है।

पहले में सोचता रहता था, की जब मेरी नौकरी लगेगी तो, में अपने पापा के लिए एक अच्छी साइकिल लेकर दूंगा | पर मेरी नौकरी तो लग गयी पर उस नौकरी में मुझे ज्यादा पैसे नहीं मिलते जिससे में अपने पापा के लिए साइकिल ले सकू।

और अपने घर वालो को कही गुमने लेकर जाऊंगा पर उसके लिए भी पैसे नहीं बच पा रहे है। मेरी ज़िन्दगी इसी तरह से आगे चलती जा रही है। मुझे कुछ उपाय बताइये कैसे में ये सब ठीक करू?

यह सब बात सुनकर बाबा ने उसे एक सुन्दर से बगीचे में लेजाकर बोला ये बगीचा बहुत बड़ा है। और यहाँ पर अनेको फूल लगे हुए है। तुम्हे एक काम करना है, तुम यहाँ से बगीचे के लास्ट तक जाओ और तुम्हे जो सबसे पसंदीदा फूल लगता है उस फूल को तोड़ कर मेरे पास लाना है ।

पर एक बार भी तुमने फूल को छोड़ दिया तो तुम उसे लेने पीछे नहीं आओगे।  सिर्फ तुम्हे सामने की तरफ ही जाना है पीछे आकर नहीं तोड़ना है। यह सुनते ही वह लड़का फूल तोड़ने के लिए निकल जाता है।

लड़के को अब काफी सुन्दर फूल दिखने लगते है, एक के बाद एक बढ़िया से सुन्दर से फूल उसके सामने थे लेकिन वह इन्हे तोड़ता नहीं है। यह सोच के की आगे उसे और भी अच्छा वाला फूल मिलेगा। और वह आगे बढ़ता चला गया लेकिन कुछ दूर जाकर उसे मुरझे हुए फूल नजर आने लगे।

जो बहुत ही बेकार लग रहे थे, दिखने में उस लड़के को अब हैरानी होने लगी और सोचने लगा की मेने गलती तो नहीं करदी। अब वह पीछे जाकर फूल तो नहीं ले सकता अब उसके पास एक ही रास्ता था। और अब उसने कुछ मुरझे हुए फूल तोड़कर बाबा के पास वापस आया। 

अब उस लड़के ने बाबा जी को वह मुरझाया हुवा फूल दिखाया, तब बाबा जी बोले बगीचे में तो बहुत सुन्दर सुन्दर फूल लगे हुए है फिर तुम ये मुरझाया हुवा फूल तोड़कर लाये हो। यह सुनकर लड़का बोलता है की बाबा जी मुझे पता है बगीचे में बहुत सुन्दर सुन्दर फूल लगे हुए थे।

पर मेने सोचा की और ज्यादा सुन्दर फूल तोड़कर लाऊंगा और मेने वो सुन्दर फूलो को छोड़ दिया था, लेकिन बाद में मुझे ये मुरझाये हुए फूल ही देखने को मिल रहे थे। और में यही तोड़ के लाया।

फिर बाबा जी उस लड़के को एक बार और बगीचे में लेकर गए और समझने लगे की मानो यह बगीचा तुम्हारा जीवन है। और इसमें जो फूल लगे है वो तुम्हारी खुशियाँ है। जो की इतने सुन्दर सुन्दर फूलो से भरा हुआ है | 

लेकिन तुम्हारी चाह और भीतर लेने के चक्केर में तुमने अपनी खुशियों को अनदेखा किया है। तुम्हारे जीवन में इतनी खुशियाँ है लेकिन तुम लालच के कारण अपने खुशियों को मार रहे हो।

रही बात तुम्हारे माँ-पापा की उन्हें तुम्हारे गाडी से नहीं तुम्हारा प्यार ही उनके लिए काफी है। उनके साथ बैठकर खाना खाने में है, अपने परिवार के साथ समय बिताओ और उनकी देखभाल करो इन सभी से ज्यादा और कोई चीज नहीं जो उन्हें सच्ची खुसी दे सके।

मनुष्य हमेशा लालच करता है, और बहेतर के चक्कर में उन चीजों को पीछे छोड़ देता है | जिनसे उन्हें सच्ची खुसी मिलती है। और जीवन इसी तरह से बीत जाता है, इंसान की सोच बहुत ज्यादा सोचने लगती है |

जैसे की मेरे पास गाडी आएगा, में बहुत आमिर हो जाऊंगा या कुछ भी लेकिन सच्ची ख़ुशी पैसे कमाने और बहेतर सोचने में नहीं सिर्फ अपने परिवार के साथ समय बिताओ आपको इसमें ही साड़ी खुशियाँ मिल जाएगी।

2 – Short Moral Story in hindi

पिता और एक अनपढ़ बेटा और 2 पढ़े लिखे बेटो की मोटिवेशनल कहानी

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एक सीधा साधा किसान जो बहुत ज्यादा ही महेनती था। वह रोक अपने खेतो में जाकर महेनत से काम करता रहता। 

इस महेनत का फल उसे अच्छी फसल के रूप में मिलता उसके जैसा फसल कोई और किसान नहीं ऊगा सकता पुरे उसके गांव में इस किसान के 3 बच्चे भी थे। और वह उनसे खेतो में काम तक नहीं करवाता था अकेला ही सारा काम करता रहता।

किसान का एक ही सपना था की उसके लड़के बड़े होकर एक कामयाब इंसान बने और अपनी ज़िन्दगी अच्छी तरह से जिए। किसान का बड़ा वाला लड़का अब स्कूल जा रहा था कुछ महीने वह स्कूल तो गया पर उसका मन पढ़ने में बिलकुल भी नहीं लग रहा था।

और वह अपने पिता से बोलै की में भी आपके साथ खेतो में काम करना चाहता हु। तो ऐसे में पिता ने मन नहीं किया और बाप बेटे खेतो में काम करने लगे। लेकिन 2 और छोटे बेटे पढ़ाई में बहुत होशियार थे। बाप और बड़े बेटे ने मिलकर खेतो में काफी महेनत करके दोनों को पढ़ाया। उनसे एक बार भी खेतो में काम करने के लिए नहीं कहा।

दोनों छोटे बेटो की रूचि पढ़ाई में तो बहुत थी पर रिस्तेदारी से उन्हें कोई लेना देना नहीं था बस वो अपनी पढ़ाई में ही लगे रहते थे। ऐसे ही दिन गुजश्रते गए और दोनों छोटे बेटे पढ़ लिख कर अब बहार शहर में काम भी करने लग गए थे।

दोनों अलग अलग शहर में थे और अछि Job करने लग गए। और महीने की सेल्लरी भी काफी ठीक थी जिनसे उनका पूरा खर्चा निकल रहा था। अब दोनों छोटे बेटे अपने पिता से मिलने भी काम आते थे।

ऐसे ही कुछ साल बीत गए और उनके पिता जी अब भुद्दे हो चुके थे। इसी दौरान दोनों छोटे बेटो ने अपनी मर्जी से शहर में ही बिना पिताजी के साडी भी कर ली थी। और अब तो वह अपने पिता से मिलने भी नहीं जाया करते। लेकिन बड़ा बेटा अपने पिताजी की खूब सेवा करता उनके साथ ही रहता। और खेतो में महेनत भी करता।

अब थोड़ा समय और बीता पिता को अपने बच्चो की बहुत याद आने लगी।  लेकिन बच्चो का पता नहीं कहा है। पिता के पास उनका कोई Address भी नहीं था। बेटो को अब पिता से मिले पुरे 10 साल हो चुके थे |

पिता की आखे अपने बच्चो को देखने के लिए तरह गयी थी लेकिन बच्चे एक बार भी अपने गांव के घर पे नहीं आये। पिता की इंतज़ार करते करते एक दिन मृत्यु हो जाती है।

पिता के मरने से पहले उनके पिता अपने बच्चो के लिए वसीयत में 3 पत्र छोड़ के जाते है। और यह कहा होता है की इन्हे तीनो को एक साथ ही दिया जाये। वसीयत की बात जब छोटे बच्चो को पता चलती है तो वह दौड़े वापस गांव चले आते है।

और अपने हिस्से की वसीयत मांगने लगते है। बड़ा भाई बहुत ही सीधा होता है वह अपने छोटे भाइयो को पिता द्वारा दिए गए पत्र को दे देता है।

दोनों छोटे भाई वसीयत की लालच सोच के उस पत्र को खोलने लगते है। जब वह पत्र को पढ़ते है तो उस पत्र में कुछ ऐसा लिखा था जिनसे उन्हें शर्मिंदा महसूस होने लगता है। और वही पे रोने लगते है।

उनके पत्र में लिखा था की ” आज तक में जो ज़िंदा था सिर्फ अपने बड़े बेटे जो अनपढ़ था उसकी वजह से और में आज जो मर गया हु सिर्फ अपने छोटे दोनों पढ़े लिखे बेटो की वजह से ” मेरी आधी सम्पति मेरे बड़े बेटे को दी जाये और बाकी की अनाथ बच्चो को दे दिया जाए।

इस कहानी से हमें बहुत कुछ सिखने को मिलता है, क्युकी आजकल की इस भागा दौड़ी ज़िन्दगी में हम भूल जाते है की जिसने हमें जन्म दिया है | उसके लिए हमारे पास समय ही नहीं है।

हम इतना बिजी हो जाते है कामो में और गुमने में की हमारे माँ बाप भी तो हमें कुछ कहना चाहते हो। दोस्तों हमें भी उनका ध्यान रखना चाहिए जैसे वो बचपन से हमारा ध्यान रखते हुए आये है।  

3 – जबरदस्त मोटिवेशनल कहानी

जैसी करनी वैसी भरनी – सेठजी और किसान की मोटिवेशनल कहानी

यह कहानी भी एक किसान की ही है, इस कहानी से भी आपको काफी कुछ सिखने और Motivate होने को मिलेगा तो यह कहानी एक गरीब किसान की है | यह भी एक सोच बदलने वाली कहानी है Short motivational Story

काफी समय पहले की बात है, एक महेनती किसान जो अपने खेतो में अलग अलग तरह के सब्जिया उगता था। और उन्हें बेच के अपना घर चलता था। लेकिन उसे जब भी थोड़ा ज्यादा पैसो की जरुरत पढ़ती वह एक अमित दुकानदार सेठजी से उधार लेकर अपना काम चला लेता, फिर धीरे धीरे करके सेठजी का उधार चुकता कर देता था।

एक दिन किसान अपने बेटो के साथ जल्दी उठ के अपने खेतो में जाकर काफी महेनत करता | और ऐसे ही कुछ समय बीता उसे पैसो की बहुत जरूरत पड़ी क्युकी सब्जिया इस बार सही तरह से नहीं हुयी जिसे बेचकर वह अपना घर चला ले।

फिर वह सेठजी के पास गया और उनसे पैसे उधार लेने के लिए कहा और साथ ही दूकान से कुछ खाने के लिए भी मांगा जैसे आटा, चावल, दाल, फिर किसान यह सब लेकर अपने घर चला गया।

कुछ दिन बीत गए अब किसान की सब्जिया थोड़ा सही होने लगी जो बेचने के लायक थी। और वह सबसे पहले सेठजी का उधार और सामान का पैसा चुकाना चाहता था। फिर किसान ने सब्जिया इखट्टी की और उस दुकानदार सेठजी के पास लेकर चला गया।

जब वह सेठजी के पास पूछा उनके दूकान पे तो उसे सेठजी से कहा ये लो सेठजी इन सब्जियों को रख लो उधार जो लिया था, उसके बदले सेठजी ने कहा कितने किलो है | ये सब्जिया किसान ने कहा सेट 30 किलो होंगे।

तभी सेठजी उठे और उस इखट्टे किये सब्जी का बोरा हाट से उठाने लगे और किसान से बोले की यह 30 किलो नहीं लग रहे है। मुझे तो यह कम लग रहे है, सही बताओ वरना में इन्हे तराजू में तोलूँगा, और अगर इनका वजन कम हुवा तो में तुमसे दोगुना पैसे ले लूंगा।

किसान अपनी सब्जियों को पहले से ही टोल कर लाया था। उसे अपने ऊपर बहुत विश्वास था, की सब्जियों का वजन 30 किलो ही है।

किसान ने कहा ठीक है, सेठजी आप अपने तरजु में इन्हे टोल लो में सही कह रहा हु, इनका वजन 30 किलो ही है। तभी सेठजी ने अपना तरजु निकला और सब्जियों को तोलने लगा |

जब सेठजी ने सभी सब्जियों का वजन टोल लिया तो इस बार उनका वजन 24 किलो निकला। तब गुस्से में सेट ने किसान से कहा की तुम हमेसा मुझे इसी तरह से झूट बोल के ठग रहे थे।

अब तुम मुझे दोगुना पैसे दोगे और यही नहीं में तुम्हे झेल में बंद भी करवा दूंगा। किसान ने यह सब सुनकर हैरान हो गया क्युकी उसे अपने पे भरोसा था, लेकिन यह सब कैसे हुवा उसके समझ नहीं आया और वह बहुत निरास होकर अपने घर वापस चला आया।

दूसरे दिन ही किसान के घर पुलिस आ गयी और किसान को अपने साथ लेकर चली गयी, फिर किसान को कोर्ट में पेस किया गया और उसके सामने सेठजी थे, जो उसपे इलज़ाम लगा रहे थे। की यह किसान एक ठग है जिसने मुझे 10 साल से ठगा है |

और अब इसने फिरसे वही किया और मेने इसे इस बार पकड़ लिया, इसने मेरे इस बार दोगुना पैसे और पुराने जितना भी मेरा नुक्सान किया वो सब मुझे चाहिए।

किसान अब काफी परेशान हो चूका था, यह सब सुनकर, तभी जज ने उसे कहा बताओ तुमने यह सब क्यों किया। तब किसान बोला जज साहब मेरे पास कोई वजन तोलने के लिए तराजू नहीं था में तो सेठजी के दूकान से लिया 5 किलो का आटा के बराबर मेने एक पत्थर वजह तोलकर रख दिया उसी से में यह सब तोल के लाया था।

मेने इसमें कोई भी गलत काम नहीं किया है, किसान की यह बात सुनकर जज को पता चल जाता है। की किसान तो सीधा है लेकिन यह दुकानदार बहुत तेज है।

जिसने किसान को ही बेकूफ़ बनाया था, और न जाने कितने लोगो को इसने ठगा होगा। इस तरह से सेठजी पर धोका  करने के लिए जुर्माना और कुछ महीने की जेल हो जाती है।

दोस्तों हमें इस कहानी से यह सीख मिलती है | की हमें अपने अंदर भी झांक के देखना चाहिए। कही हम्मे दोष तो नहीं और इसे ठीक करके फिर दुसरो पर ऊँगली उठानी चाहिए।

People Also Ask – FAQ

लाइफ चेंज करने वाली कहानी कोनसी है ?

3 ऐसी जो जीवन को बदल देने वाली कहानी है , 1 इंसान की सोच बदलने वाली कहानी 2 पिता और एक अनपढ़ बेटा और 2 पढ़े लिखे बेटो की मोटिवेशनल कहानी 3 जैसी करनी वैसी भरनी – सेठजी और किसान की मोटिवेशनल कहानी ये है इन्हे पढ़ के आपका जीवन बदल सकता है।

सोच बदलने वाली कहानी को क्यों पढ़ना चाहिए ?

आजकल के जीवन में काफी प्रॉब्लमआ रही है, इंसान तो चाहता है की वह अच्छा करे लेकिन उसे समझ नहीं आता की कैसे अच्छा करे और क्यों करे। और कैसे अपना जीवन को अच्छा बनाये अपनी सोच को कैसे बदले इसी लिए यह सोच बदलने वाली कहानी आपके लिए लाये है इसे जरूर पढ़े।

सोच को बदलने वाली कहानी कहा पढ़े ?

आपको अपनी सोच को बदलना है, तो सबसे Best सीख देने वाली कहानी आपको Successpeoplestory.com में पढ़ने को मिल जायेगा।
यही नहीं आपको हर तरह के Motivational कहानिया और Quotes भी पढ़ने को मिल जायेगा।

आशा करता हु दोस्त आपको यह सोच बदलने वाली कहानी पसंद आयी होगी । इन 3 जबरदस्त मोटिवेशनल कहानी से आपको काफी प्रेरणा मिली होगी । आप इन्हे अपने दोस्तों के साथ भी share कर सकते है।

साथ ही आप हमें Comment करके जरूर बताये आपको यह कहनी कैसे लगी और कोनसी कहानी सबसे अच्छी लगी और आपने क्या सीखा। इससे हमें पता चलेगा और हम आपके लिए और भी भेत्रिन Motivational Stories लिखेंगे। जिससे आप अपने जीवन में आने वाली मुसीबतों से लड़ सकोगे।

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